योनातन ने अदोनिरयाह से कहा, सचमुच हमारे प्रभु राजा दाऊद ने सुलैमान को राजा बना दिया।
41जब अदोनिरयाह और उसके सब नेवतहरी खा चुके थे, तब यह ध्वनि उनको सुनाई पड़ी। और योआब ने नरसिंगे का शब्द सुनकर पूछा, नगर में हलचल और चिल्लाहट का शब्द क्यों हो रहा है?
42वह यह कहता ही था, कि एब्यातार याजक का पुत्रा योनातन आया और अदोनिरयाह ने उस से कहा, भीतर आ; तू तो भला मनुष्य है, और भला समाचार भी लाया होगा।
43योनातन ने अदोनिरयाह से कहा, सचमुच हमारे प्रभु राजा दाऊद ने सुलैमान को राजा बना दिया।
44और राजा ने सादोक याजक, नातान नबी और यहोयादा के पुत्रा बनायाह और करेतियों और पलेतियों को उसके संग भेज दिया, और उन्हों ने उसको राजा के खच्चर पर चढ़ाया है।
45और सादोक याजक, और नातान नबी ने गीहोन में उसका राज्याभिषेक किया है; और वे वहां से ऐसा आनन्द करते हुए ऊपर गए हैं कि नगर में हलचल मच गई, और जो शब्द तुम को सुनाई पड़ रहा है वही है।
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