जो लोग अपने अपने घर की छत पर आकाश के गण को दण्डवत् करते हुए यहोवा की सेवा करने की शपथ खाते हैं;
3मैं मनुष्य और पशु दोनों का अन्त कर दूंगा; मैं आकाश के पक्षियों और समुद्र की मछलियों का, और दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण का भी अन्त कर दूंगा; मैं मनुष्य जाति को भी धरती पर से नाश कर डालूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
4मैं यहूदा पर और यरूशलेम के सब रहनेवालों पर हाथ उठाऊंगा, और इस स्थान में बाल के बचे हुओं को और याजकों समेत देवताओं के पुजारियों के नाम को नाश कर दूंगा।
5जो लोग अपने अपने घर की छत पर आकाश के गण को दण्डवत् करते हुए यहोवा की सेवा करने की शपथ खाते हैं;
6और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्हों ने न तो यहोवा को ढूंढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उनको भी मैं सत्यानाश कर डालूंगा।।
7परमेश्वर यहोवा के साम्हने शान्त रहो! क्योंकि यहोवा का दिन निकट है; यहोवा ने यज्ञ सिद्ध किया है, और अपने पाहुनों को पवित्रा किया है।
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