तू राजा की आज्ञा क्यों उलंघन करता है? जब वे उस से प्रतिदिन ऐसा ही कहते रहे, और उस ने उनकी एक न मानी, तब उन्हों ने यह देखने की इच्छा से कि मोर्दकै की यह बात चलेगी कि नहीं, हामान को बता दिया; उस ने तो उनको बता दिया था कि मैं यहूदी हूँ।
3तब राजा के कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, उन्हों ने मोर्दकै से पूछा,
4तू राजा की आज्ञा क्यों उलंघन करता है? जब वे उस से प्रतिदिन ऐसा ही कहते रहे, और उस ने उनकी एक न मानी, तब उन्हों ने यह देखने की इच्छा से कि मोर्दकै की यह बात चलेगी कि नहीं, हामान को बता दिया; उस ने तो उनको बता दिया था कि मैं यहूदी हूँ।
5जब हामान ने देखा, कि मोर्दकै नहीं झुकता, और न मुझ को दणडवत करता है, तब हामान बहुत ही क्रोधित हुआ।
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