1 शमूएल 5:9

जब वे उसको घुमाकर वहां पहुंचे, तो यूं हुआ कि यहोवा का हाथ उस नगर के विरूद्ध ऐसा उठा कि उस में अत्यन्त हलचल मच गई; ओर उस ने छोटे से बड़े तब उस नगर के सब लोगों को मारा, और उनके गिलटियां निकलने लगीं।

प्रसंग सहित पढ़ें · 1 शमूएल 5

7यह हाल देखकर अशदोद के लोगों ने कहा, इस्राएल के देवता का सन्दूक हमारे मध्य रहने नहीं पाएगा; क्योंकि उसका हाथ हम पर और हमारे देवता दागोन पर कठोरता के साथ पड़ा है।

8तब उन्हों ने पलिश्तियों के सब सरदारों को बुलवा भेजा, और उन से पूछा, हम इस्राएल के देवता के सन्दूक से क्या करें? वे बोले, इस्राएल के परमेश्वर के सन्दूक को घूमाकर गत में पहुंचाया जाए। तो उन्हों ने इस्राएल के परमेश्वर के सन्दूक को घुमाकर गत में पहुंचा दिया।

9जब वे उसको घुमाकर वहां पहुंचे, तो यूं हुआ कि यहोवा का हाथ उस नगर के विरूद्ध ऐसा उठा कि उस में अत्यन्त हलचल मच गई; ओर उस ने छोटे से बड़े तब उस नगर के सब लोगों को मारा, और उनके गिलटियां निकलने लगीं।

10तब उन्हों ने परमेश्वर का सन्दूक एक्रोन को भेजा और ज्योंही परमेश्वर का सन्दूक एक्रोन में पहुंचा त्योंही एक्रोनी यह कहकर चिल्लाने लगे, कि इस्राएल के देवता का सन्दूक घुमाकर हमारे पास इसलिये पहुंचाया गया है, कि हम और हमारे लोगों को मरवा डाले।

11तब उन्हों ने पलिश्तियों के सब सरदारों को इकट्ठा किया, और उन से कहा, इस्राएल के देवता के सन्दूक को निकाल दो, कि वह अपेन स्थान पर लौट जाए, और हम को और हमारे लोगों को मार डालने न पाए। उस समस्त नगर में तो मृत्यु के भय की हलचल मच रही थी, और परमेश्वर का हाथ वहां बहुत भारी पड़ा था।

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