प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
1हे स्वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्वामी है।।
2प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
3और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं।
4और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
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