यशायाह 31:5

पंख फैलाई हुई चिड़ियों की नाईं सेनाओं का यहोवा यरूशलेम की रक्षा करेगा; वह उसकी रक्षा करके बचाएगा, और उसको बिन छूए ही उद्धार करेगा।।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 31

3मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।

4फिर यहोवा ने मुझ से यों कहा, जिस प्रकार सिंह वा जवान सिंह जब अपने अहेर पर गुर्राता हो, और चरवाहे इकट्ठे होकर उसके विरूद्ध बड़ी भीड़ लगाएं, तौभी वह उनके बोल से न घबराएगा और न उनके कोलाहल के कारण दबेगा, उसी प्रकार सेनाओं का यहोवा, सिरयोन पर्वत और यरूशलेम की पहाड़ी पर, युद्ध करने को उतरेगा।

5पंख फैलाई हुई चिड़ियों की नाईं सेनाओं का यहोवा यरूशलेम की रक्षा करेगा; वह उसकी रक्षा करके बचाएगा, और उसको बिन छूए ही उद्धार करेगा।।

6हे इस्राएलियों, जिसके विरूद्ध तुम ने भारी बलवा किया है, उसी की ओर फिरो।

7उस समय तुम लोग सोने चान्दी की अपनी अपनी मूर्तियों से जिन्हें तुम बनाकर पापी हो गए हो धृणा करोगे।

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