सब भांति के कोढ़ की व्याधि, और सेहुएं,
52और वह पक्षी के लोहू, और बहते हुए जल, और जूफा और लाल रंग के कपड़े के द्वारा घर को पवित्रा करे;
53तब वह जीवित पक्षी को नगर से बाहर मैदान में छोड़ दे; इसी रीति से वह घर के लिये प्रायश्चित्त करे, तब वह शुद्ध ठहरेगा।
54सब भांति के कोढ़ की व्याधि, और सेहुएं,
55और वस्त्रा, और घर के कोढ़,
56और सूजन, और पपड़ी, और फूल के विषय में,
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