प्रकाशित वाक्य 10:3

और ऐसे बड़े शब्द से चिल्लाया, जैसा सिंह गरजता है; और जब वह चिल्लाया तो गर्जन के सात शब्द सुनाई दिए।

प्रसंग सहित पढ़ें · प्रकाशित वाक्य 10

1फिर मैं ने एक और बली स्वर्गदूत को बादल ओढ़े हुए स्वर्ग से उतरते देखा, उसके सिर पर मेघधनुष था: और उसका मुंह सूर्य का सा और उसके पांव आग के खंभे के से थे।

2और उसके हाथ में एक छोटी सी खुली हुई पुस्तक थी; उस ने अपना दहिना पांव समुद्र पर, और बायां पृथ्वी पर रखा।

3और ऐसे बड़े शब्द से चिल्लाया, जैसा सिंह गरजता है; और जब वह चिल्लाया तो गर्जन के सात शब्द सुनाई दिए।

4और जब सातों गर्जन के शब्द सुनाई दे चुके, तो मैं लिखने पर था, और मैं ने स्वर्ग से यह शब्द सुना, कि जो बातें गर्जन के उन सात शब्दों से सुनी हैं, उन्हें गुप्त रख, और मत लिख।

5और जिस स्वर्गदूत को मैं ने समुद्र और पृथ्वी पर खड़े देख था; उस ने अपना दहिना हाथ स्वर्ग की ओर उठाया।

प्रकाशित वाक्य 10 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ