दान इस्राएल का एक गोत्रा होकर अपने जातिभाइयों का न्याय करेगा।।
14इस्साकार एक बड़ा और बलवन्त गदहा है, जो पशुओं के बाड़ों के बीच में दबका रहता है।।
15उस ने एक विश्रामस्थान देखकर, कि अच्छा है, और एक देश, कि मनोहर है, अपने कन्धे को बोझ उठाने के लिये झुकाया, और बेगारी में दास का सा काम करने लगा।।
16दान इस्राएल का एक गोत्रा होकर अपने जातिभाइयों का न्याय करेगा।।
17दान मार्ग में का एक सांप, और रास्ते में का एक नाग होगा, जो घोड़े की नली को डंसता है, जिस से उसका सवार पछाड़ खाकर गिर पड़ता है।।
18हे यहोवा, मैं तुझी से उद्धार पाने की बाट जोहता आया हूं।।
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