छ: वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन सात हैं जिन से उसको धृणा है
14उसके मन में उलट फेर की बातें रहतीं, वह लगातार बुराई गढ़ता है और झगड़ा रगड़ा उत्पन्न करता है।
15इस कारण उस पर विपत्ति अचानक आ पड़ेगी, वह पल भर में ऐसा नाश हो जाएगा, कि बचने का कोई उपाय न रहेगा।।
16छ: वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन सात हैं जिन से उसको धृणा है
17अर्थात् घमण्ड से चढ़ी हुई आंखें, झूठ बोलनेवाली जीभ, और निर्दोष का लोहू बहानेवाले हाथ,
18अनर्थ कल्पना गढ़नेवाला मन, बुराई करने को वेग दौड़नेवाले पांव,
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें