विलापगीत 1:12

हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि करके देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?

प्रसंग सहित पढ़ें · विलापगीत 1

10द्रोहियों ने उसकी सब मनभावनी वस्तुओं पर हाथ बढ़ाया है; हां, अन्यजातियों को, जिनके विषय में तू ने आज्ञा दी थी कि वे तेरी सभा में भागी न होने पाएंगी, उनको उस ने तेरे पवित्रास्थान में घुसा हुआ देखा है।

11उसके सब निवासी कराहते हुए भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे हैं; उन्हों ने अपना प्राण बचान के लिऐ अपनी मनभावनी वस्तुएं बेचकर भोजन मोल लिया है। हे यहोवा, दृष्टि कर, और ध्यान से देख, क्योंकि मैं तुच्छ हो गई हूँ।

12हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि करके देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?

13उस ने ऊपर से मेरी हड्डियोंमें आग लगाई है, और वे उस से भस्म हो गई? उस ने मेरे पैरोंके लिथे जाल लगाया, और मुझ को उलटा फेर दिया है? उस ने ऐसा किया कि मैं त्यागी हुई सी और रोग से लगातार निर्बल रहती हूँ।

14उस ने जूए की रस्सियों की नाई मेरे अपराधों को अपने हाथ से कसा है; उस ने उन्हें बटकर मेरी गर्दन पर चढ़ाया, और मेरा बल घटा दिया है; जिनका मैं साम्हना भी नहीं कर सकती, उन्हीं के वश में यहोवा ने मुझे कर दिया है।

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