होशे 13:4

मि देश ही से मैं यहोवा, तेरा परमेश्वर हूं; तू मुझे छोड़ किसी को परमेश्वर करके न जानना; क्योंकि मेरे सिवा कोई तेरा उद्धारकर्ता नहीं हैं।

प्रसंग सहित पढ़ें · होशे 13

2और अब वे लोग पाप पर पाप बढ़ाते जाते हैं, और अपनी बुद्धि से चान्दी ढालकर ऐसी मूरतें बनाई हैं जो कारीगरों ही से बनीं। उन्हीं के विषय लोग कहते हैं, जो नरमेघ करें, वे बछड़ों को चूमें!

3इस कारण वे भोर के मेघ, तड़के सूख जानेवाली ओस, खलिहान पर से आंधी के मारे उड़नेवाली भूसी, या चिमनी से निकलते हुए धूएं के समान होंगे।।

4मि देश ही से मैं यहोवा, तेरा परमेश्वर हूं; तू मुझे छोड़ किसी को परमेश्वर करके न जानना; क्योंकि मेरे सिवा कोई तेरा उद्धारकर्ता नहीं हैं।

5मैं ने उस समय तुझ पर मन लगाया जब तू जंगल में वरन अत्यन्त सूखे देश में था।

6परन्तु जब इस्राएली चराए जाते थे और वे तृप्त हो गए, तब तृप्त होने पर उनका मन घमण्ड से भर गया; इस कारण वे मुझ को भूल गए।

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