यदि तू ने अपनी बढ़ाई करने की मूढ़ता की, वा कोई बुरी युक्ति बान्धी हो, तो अपने मुंह पर हाथ धर।
30सिंह जो सब पशुओं में पराक्रमी हैं, और किसी के डर से नहीं हटता;
31शिकारी कुत्ता और बकरा, और अपनी सेना समेत राजा।
32यदि तू ने अपनी बढ़ाई करने की मूढ़ता की, वा कोई बुरी युक्ति बान्धी हो, तो अपने मुंह पर हाथ धर।
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