और इब्राहीम ने परमेश्वर से कहा, इश्माएल तेरी दृष्टि में बना रहे! यही बहुत है।
16और मैं उसको आशीष दूंगा, और तुझ को उसके द्वारा एक पुत्रा दूंगा; और मैं उसको ऐसी आशीष दूंगा, कि वह जाति जाति की मूलमाता हो जाएगी; और उसके वंश में राज्य राज्य के राजा उत्पन्न होंगे।
17तब इब्राहीम मुंह के बल गिर पड़ा और हंसा, और अपने मन ही मन कहने लगा, क्या सौ वर्ष के पुरूष के भी सन्तान होगा और क्या सारा जो नब्बे वर्ष की है पुत्रा जनेगी ?
18और इब्राहीम ने परमेश्वर से कहा, इश्माएल तेरी दृष्टि में बना रहे! यही बहुत है।
19तब परमेश्वर ने कहा, निश्चय तेरी पत्नी सारा के तुझ से एक पुत्रा उत्पन्न होगा; और तू उसका नाम इसहाक रखना : और मैं उसके साथ ऐसी वाचा बान्धूंगा जो उसके पश्चात् उसके वंश के लिये युग युग की वाचा होगी।
20और इश्माएल के विषय में भी मै ने तेरी सुनी है : मैं उसको भी आशीष दूंगा, और उसे फुलाऊं फलाऊंगा और अत्यन्त ही बढ़ा दूंगा; उस से बारह प्रधान उत्पन्न होंगे, और मैं उस से एक बड़ी जाति बनाऊंगा।
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