क्योंकि तू आप जानता है कि तू ने भी बहुत बेर औरों को शाप दिया है।।
20नि:सन्देह पृथ्वी पर कोई ऐसा धर्मी मनुष्य नहीं जो भलाई ही करे और जिस से पाप न हुआ हो।।
21जितनी बातें कही जाएं सब पर कान न लगाना, ऐसा न हो कि तू सुने कि तेरा दास तुझी को शाप देता है;
22क्योंकि तू आप जानता है कि तू ने भी बहुत बेर औरों को शाप दिया है।।
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