यशायाह 49:24

क्या वीर के हाथ से शिकार छीना जा सकता है? क्या दुष्ट के बंघुए छुड़ाए जा सकते हैं?

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 49

22प्रभु यहोवा यों कहता है, देख, ये अपना हाथ जाति जाति के लोगों की ओर उठाऊंगा, और देश देश के लोगों के साम्हने अपना झण्डा खड़ा करूंगा; तब वे तेरे पुत्रों को अपनी गोद में लिए आएंगे, और तेरी पुत्रियों को अपने कन्धे पर चढ़ाकर तेरे पास पहुंचाएंगे।

23राजा तेरे बच्चों के निज- सेवक और उनकी रानियां दूध पिलाने के लिये तेरी धाइयों होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पांवों की धूलि चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूं; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।।

24क्या वीर के हाथ से शिकार छीना जा सकता है? क्या दुष्ट के बंघुए छुड़ाए जा सकते हैं?

25तौभी यहोवा यों कहता है, हां, वीर के बंधुए उस से छीन लिए जांएगे, और बलात्कारी का शिकार उसके हाथ से छुड़ा लिया जाएगा, क्योंकि जो तुझ से लड़ते हैं उन से मैं आप मुक मा लडूंगा, और तेरे लड़केबालों का मैं उद्धार करूंगा।

26जो तुझ पर अन्धेर करते हैं उनको मैं उन्हीं का मांस खिलाऊंगा, और, वे अपना लोहू पीकर ऐसे मतवाले होंगे जैसे नये दाखमधु से होते हैं। तब सब प्राणी जान लेंगे कि तेरा उद्धारकर्ता यहोवा और तेरा छुड़ानेवाला, याकूब का शक्तिमान मैं ही हूं।।

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