तब उसके साथ निश्चिन्त लोगों की भीड़ का कोलाहल सुन पड़ा, और उन साधारण लोगों के पास जंगल से बुलाए हुए पियक्कड़ लोग भी थे; उन्हों ने उन दोनों बहिनों के हाथों में चूडियां पहिनाई, और उनके सिरों पर शोभायमान मुकुट रखे।
42तब उसके साथ निश्चिन्त लोगों की भीड़ का कोलाहल सुन पड़ा, और उन साधारण लोगों के पास जंगल से बुलाए हुए पियक्कड़ लोग भी थे; उन्हों ने उन दोनों बहिनों के हाथों में चूडियां पहिनाई, और उनके सिरों पर शोभायमान मुकुट रखे।
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