एज्रा 5:5

परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिये जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्हों ने इनको न रोका।

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3उसी समय महानद के इस पार का तत्तनै नाम अधिपति और शतब जनै अपने सहचरियों समेत उनके पास जाकर यों पूछने लगे, कि इस भवन के बनाने और इस शहरपनाह के खड़े करने की किस ने तुम को आज्ञा दी है?

4तब हम लोगों से यह कहा, कि इस भवन के बनानेवालों के क्या क्या नाम हैं?

5परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिये जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्हों ने इनको न रोका।

6जो चिट्ठी महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतब जनै और महानद के इस पार के उनके सहचरी अपार्सकियों ने राजा दाना के पास भेजी उसकी नकल यह है;

7उन्हों ने उसको एक चिट्ठी लिखी, जिस में यह लिखा था : कि राजा दारा का कुशल क्षेम सब प्रकार से हो।

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