और मैं स्तिफनास और फूरतूनातुस और अखइकुस के आने से आनन्दित हूं, क्योंकि उन्हों ने तुम्हारी धटी को पूरी की है।
17और मैं स्तिफनास और फूरतूनातुस और अखइकुस के आने से आनन्दित हूं, क्योंकि उन्हों ने तुम्हारी धटी को पूरी की है।
18और उन्हों ने मेरी और तुम्हारी आत्मा को चैन दिया है इसलिये ऐसों को मानो।।
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