जब वे मांद में बैठे हों और आड़ में घात लगाए दबक कर बैठे हों?
38जब धूलि जम जाती है, और ढेले एक दूसरे से सट जाते हैं?
39क्या तू सिंहनी के लिये अहेर पकड़ सकता, और जवान सिंहों का पेट भर सकता है,
40जब वे मांद में बैठे हों और आड़ में घात लगाए दबक कर बैठे हों?
41फिर जब कौवे के बच्चे ईश्वर की दोहाई देते हुए निराहार उड़ते फिरते हैं, तब उनको आहार कौन देता है?
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