जकर्याह 11:12

तब मैं ने उन से कहा, यदि तुम को अच्छा लगे तो मेरी मजदूरी दो, और नहीं तो मत दो। तब उन्हों ने मेरी मजदूरी में चान्दी के तीस टुकड़े तौल दिए।

प्रसंग सहित पढ़ें · जकर्याह 11

10और मैं ने अपनी वह लाठी तोड़ डाली, जिसका नाम अनुग्रह था, कि जो वाचा मैं ने सब अन्यजातियों के साथ बान्धी थी उसे तोडूं।

11वह उसी दिन तोड़ी गई, और इस से दीन भेड़- बकरियां जो मुझे ताकती थीं, उन्हों ने जान लिया कि यह यहोवा का वचन है।

12तब मैं ने उन से कहा, यदि तुम को अच्छा लगे तो मेरी मजदूरी दो, और नहीं तो मत दो। तब उन्हों ने मेरी मजदूरी में चान्दी के तीस टुकड़े तौल दिए।

13तब यहोवा ने मुझ से कहा, इन्हें कुम्हार के आगे फेंक दे, यह क्या ही भारी दाम है जो उन्हों ने मेरा ठहराया है? तब मैं ने चान्दी के उन तीस टुकड़ों को लेकर यहोवा के घर में कुम्हार के आगे फेंक दिया।

14तब मैं ने अपनी दूसरी लाठी जिस का नाम एकता था, इसलिये तोड़ डाली कि मैं उस भाईचारे के नाते को तोड़ डालूं जो यहूदा और इस्राएल के बीच में है।।

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