बाबुल की नहरों के किनारे हम लोग बैठ गए, और सिरयोन को स्मरण करके रो पड़े!
1बाबुल की नहरों के किनारे हम लोग बैठ गए, और सिरयोन को स्मरण करके रो पड़े!
2उसके बीच के मजनू वर्क्षों पर हम ने अपनी वीणाओं को टांग दिया;
3क्योंकि जो हम को बन्धुए करके ले गए थे, उन्हों ने वहां हम से गीत गवाना चाहा, और हमारे रूलानेवलों ने हम से आनन्द चाहकर कहा, सिरयोन के गीतों में से हमारे लिये कोई गीत गाओ!
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