अर्वदी, समारी, और हमाती लोग भी हुए : फिर कनानियों के कुल भी फैल गए।
16और यबूसी, एमोरी, गिर्गाशी,
17हिव्वी, अर्की, सीनी,
18अर्वदी, समारी, और हमाती लोग भी हुए : फिर कनानियों के कुल भी फैल गए।
19और कनानियों का सिवाना सीदोन से लेकर गरार के मार्ग से होकर अज्जा तक और फिर सदोम और अमोरा और अदमा और सबोयीम के मार्ग से होकर लाशा तक हुआ।
20हाम के वंश में ये ही हुए; और ये भिन्न भिन्न कुलों, भाषाओं, देशों, और जातियों के अनुसार अलग अलग हो गए।।
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