और प्रभु के प्रसन्न रहने के वर्ष का प्रचार करूं।
17यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक उसे दी गई, और उस ने पुस्तक खोलकर, वह जगह निकाली जहां यह लिखा था।
19और प्रभु के प्रसन्न रहने के वर्ष का प्रचार करूं।
21तब वह उन से कहने लगा, कि आज ही यह लेख तुम्हारे साम्हने पूरा हुआ है।
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