और सोर नगर के हीराम राजा ने अपने दूत सुलैमान के पास भेजे, क्योंकि उस ने सुना था, कि वह अभिषिक्त होकर अपने पिता के स्थान पर राजा हुआ है : और दाऊद के जीवन भर हीराम उसका मित्रा बना रहा।
1और सोर नगर के हीराम राजा ने अपने दूत सुलैमान के पास भेजे, क्योंकि उस ने सुना था, कि वह अभिषिक्त होकर अपने पिता के स्थान पर राजा हुआ है : और दाऊद के जीवन भर हीराम उसका मित्रा बना रहा।
2और सुलैमान ने हीराम के पास यों कहला भेजा, कि नुझे मालूम है,
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