पर याजक होने के नाते से वह अपने लोगों में प्रधान है, इसलिये वह अपने को ऐसा अशुद्ध न करे कि अपवित्रा हो जाए।
2अपने निकट कुटुम्बियों, अर्थात् अपनी माता, वा पिता, वा बेटे, वा बेटी, वा भाई के लिये,
4पर याजक होने के नाते से वह अपने लोगों में प्रधान है, इसलिये वह अपने को ऐसा अशुद्ध न करे कि अपवित्रा हो जाए।
5वे न तो अपने सिर मुंड़ाएं, और न अपने गाल के बालों को मुंड़ाएं, और न अपने शरीर चीरें।
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