दानिय्येल 7:14

तब उसको ऐसी प्रभुता, महिमा और राज्य दिया गया, कि देश- देश और जाति- जाति के लोग और भिन्न- भिन्न भाषा बालनेवाले सब उसके अधीन हों; उसकी प्रभुता सदा तक अटल, और उसका राज्य अविनाशी ठहरा।।

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12और रहे हुए जन्तुओं का अधिकार ले लिया गया, परन्तु उनका प्राण कुछ समय के लिये बचाया गया।

13मैं ने रात में स्वप्न में देखा, और देखो, मनुष्य के सन्तान सा कोई आकाश के बादलों समेत आ रहा था, और वह उस अति प्राचीन के पास पहुंचा, और उसको वे उसके समीप लाए।

14तब उसको ऐसी प्रभुता, महिमा और राज्य दिया गया, कि देश- देश और जाति- जाति के लोग और भिन्न- भिन्न भाषा बालनेवाले सब उसके अधीन हों; उसकी प्रभुता सदा तक अटल, और उसका राज्य अविनाशी ठहरा।।

15और मुझ दानिरयेल का मन विकल हो गया, और जो कुछ मैं ने देखा था उसके कारण मैं घबरा गया।

16तब जो लोग पास खड़े थे, उन में से एक के पास जाकर मैं ने उन सारी बातों का भेद पूछा, उस न यह कहकर मुझे उन बातों का अर्थ बताया,

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