और दाऊद की प्रतिष्ठा अधिक बढ़ती गई और सेनाओं का यहोवा उसके संग था।
7और दाऊद उस गढ़ में रहने लगा, इसलिये उसका नाम दाऊदपुर पड़ा।
8और उस ने नगर के चारों ओर, अर्थात् मिल्लो से लेकर चारों ओर शहरपनाश् बनवाई, और योआब ने शेष नगर के खष्डहरों को फिर बसाया।
9और दाऊद की प्रतिष्ठा अधिक बढ़ती गई और सेनाओं का यहोवा उसके संग था।
10यहोवा ने इस्राएल के विष्य जो वचन कहा था, उसके अनुसार दाऊद के जिन शूरवीरों ने सब इस्राएलियों समेत उसके राज्य में उसके पक्ष में होकर, उसे राजा बनाने को ज़ोर दिया, उन में से मुख्य पुरूष ये हैं।
11दाऊद के शूरवीरों की नामावली यह है, अर्थात् किसी हक्मोनी का पुत्रा याशोबाम जो तीसों में मुखय थ, उस ने तीन सै पुरूषों पर भाला चला कर, उन्हें एक ही समय में मार डाला।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें