सो उस ने उन्हीं के साथ व्यभिचार किया जो सब के सब सव त्तम अश्शूरी थे; और जिस किसी पर वह मोहित हुई, उसी की मूरतों से वह अशुद्ध हुई।
5ओहोला जब मेरी थी, तब ही व्यभिचारिणी होकर अपने मित्रों पर मोहित होने लगी जो उसके पड़ोसी अश्शूरी थे।
6वे तो सब के सब नीले वस्त्रा पहिननेवाले मनभावने जवान, अधिपति और प्रधान थे, और घोड़ों पर सवार थे।
7सो उस ने उन्हीं के साथ व्यभिचार किया जो सब के सब सव त्तम अश्शूरी थे; और जिस किसी पर वह मोहित हुई, उसी की मूरतों से वह अशुद्ध हुई।
9इस कारण मैं ने उसको उन्हीं अश्शूरी मित्रों के हाथ कर दिया जिन पर वह मोहित हुई थी।
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