मीका 1:5

यह सब याकूब के अपराध, और इस्राएल के घराने के पाप के कारण से होता है। याकूब का अपराध क्या है? क्या सामरिया नहीं? और यहूदा के ऊंचे स्थान क्या हैं? क्या यरूशलेम नहीं?

प्रसंग सहित पढ़ें · मीका 1

3कयोंकि देख, यहोवा अपने पवित्रास्थान से बाहर निकल रहा है, और वह उतरकर पृथ्वी के ऊंचे स्थानों पर चलेगा।

4और पहाड़ उसके नीचे गल जाएंगे, और तराई ऐसे फटेंगी, जैसे मोम आग की आंच से, और पानी जो घाट से नीचे बहता है।

5यह सब याकूब के अपराध, और इस्राएल के घराने के पाप के कारण से होता है। याकूब का अपराध क्या है? क्या सामरिया नहीं? और यहूदा के ऊंचे स्थान क्या हैं? क्या यरूशलेम नहीं?

6इस कारण मैं सामारिया को मैदान के खेत का ढेर कर दूंगा, और दाख का बगीचा बनाऊंगा; और मैं उसके पत्थरों को खड्ड में लुढ़का दूंगा, और उसकी नेव उखाड़ दूंगा।

7उसकी सब खुदी हुई मूरतें टुकड़े टुकड़े की जाएंगी; और जो कुछ उस ने छिनाला करके कमाया है वह आग से भस्म किया जाएगा, और उसकी सब प्रतिमाओं को मैं चकनाचूर करूंगा; क्योंकि छिनाले ही की कमाई से उसने उसको संचय किया है, और वह फिर छिनाले की सी कमाई हो जाएगी।।

मीका 1 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ