गात नगर में इसकी चर्चा मत करो, और मत रोओ; बेतआप्रा में धूति में लोटपोट करो।
8इस कारण मैं छाती पीटकर हाय, हाय, करूंगा; मैं लुटा हुआ सा और नंगा चला फिरा करूंगा; मैं गीदड़ों की नाई चिल्लाऊंगा, और शतुर्मुगों की नाईं रोऊंगा।
9क्योंकि उसका घाव असाध्य है; और विपत्ति यहूदा पर भी आ पड़ी, वरन वह मेरे जातिभाइयों पर पड़कर यरूशलेम के फाटक तक पहुंच गई है।।
10गात नगर में इसकी चर्चा मत करो, और मत रोओ; बेतआप्रा में धूति में लोटपोट करो।
11हे शापीर की रहनेवाली नंगी होकर निर्लज चली जा; सानान की रहनेवाली नहीं निकल सकती; बेतसेल के रोने पीटने के कारण उसका शरणस्थान तुम से ले लिया जाएगा।
12क्योंकि मारोत की रहनेवाली तो कुशल की बाट जोहते- जोहते तड़प गई है, क्योंकि यहोवा की ओर से यरूशलेम के फाटक तक विपत्ति आ पहुंची है।
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