जैसे वे बढ़ते गए, वैसे ही वे मेरे विरूद्ध पाप करते गए; मैं उनके विभव के बदले उनका अनादर करूंगा।
7जैसे वे बढ़ते गए, वैसे ही वे मेरे विरूद्ध पाप करते गए; मैं उनके विभव के बदले उनका अनादर करूंगा।
8वे मेरी प्रजा के पापबलियों को खाते हैं, और प्रजा के पापी होने की लालसा करते हैं।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें