अर्थात्बेतेल के दक्खिन देश के रामोत,यत्तीर,
25और दाऊद ने इस्राएलियों के लिये ऐसी ही विधि और नियम ठहराया, और वह उस दिन से लेकर आगे को वरन आज लों बना है।
26सिकलग में पहुंचकर दाऊद ने यहूदी पुरनियों के पास जो उसके मित्रा थे लूट के माल में से कुछ कुछ भेजा, और यह कहलाया, कि यहोवा के शत्रुओं से ली हुई लूट में से तुम्हारे लिये यह भेंट है।
27अर्थात्बेतेल के दक्खिन देश के रामोत,यत्तीर,
28अरोएर, सिपमोत, एश्तमो,
29राकाल, यरहमेलियों के नगरों, केनियों के नगरों,
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