तब इसहाक ने याकूब को बुलाकर आशीर्वाद दिया, और आज्ञा दी, कि तू किसी कनानी लड़की को न ब्याह लेना।
1तब इसहाक ने याकूब को बुलाकर आशीर्वाद दिया, और आज्ञा दी, कि तू किसी कनानी लड़की को न ब्याह लेना।
2प नराम में अपने नाना बतूएल के घर जाकर वहां अपने मामा लाबान की एक बेटी को ब्याह लेना।
3और सर्वशक्तिमान ईश्वर तुझे आशीष दे, और फुला- फलाकर बढ़ाए, और तू राज्य राज्य की मण्डली का मूल हो।
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