एक दिन अरयूब के बेटे- बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;
11परन्तु अब अपना हाथ बढ़ाकर जो कुछ उसका है, उसे छू; तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।
13एक दिन अरयूब के बेटे- बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;
14तब एक दूत अरयूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थी,
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