यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती?
17यदि सारी देह आंख की होती तो सुनना कहां से होता? यदि सारी देह कान ही होती तो सूंघना कहां होता?
18परन्तु सचमुच परमेश्वर ने अंगो को अपनी इच्छा के अनुसार एक एक करके देह में रखा है।
19यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती?
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