आकीश ने पूछा, आज तुम ने चढ़ाई तोनहीं की? दाऊद ने कहा, हां, यहूदा यरहमेलियों और केनियों की दक्खिन दिशा में।
8और दाऊद ने अपने जनों समेत जाकर गशूरियों, गिर्जियों, और अमालेकियों पर चढ़ाई की; ये जातियां तो प्राचीन काल से उस देश में रहती थीं जो शूर के मार्ग में मि देश तक है।
9दाऊद ने उस देश को नाश किया, और स्त्री पुरूष किसी को जीवित न छोड़ा, और भेड़- बकरी, गाय- बैल, गदहे, ऊंट, और वस्त्रा लेकर लौटा, और आकीश के पास गया।
10आकीश ने पूछा, आज तुम ने चढ़ाई तोनहीं की? दाऊद ने कहा, हां, यहूदा यरहमेलियों और केनियों की दक्खिन दिशा में।
11दाऊद ने स्त्री पुरूष किसी को जीवित न छोड़ा कि उन्हें गत में पहुंचाए; उस ने सोचा था, कि ऐसा न हो कि वे हमारा काम बताकर यह कहें, कि दाऊद ने ऐसा ऐसा किया है। वरन जब से वह पलिश्तियों के देश में रहता है, तब से उसका काम ऐसा ही है।
12तब आकीश ने दाऊद की बात सच मानकर कहा, यह अपने इस्राएली लागों की दृष्टि में अति घृणित हुआ है; इसलिये यह सदा के लिये मेरा दास बना रहेगा।।
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