इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए।
28इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए।
29क्योंकि जो खाते- पीते समय प्रभु की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपने ऊपर दण्ड लाता है।
30इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए।
31यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्ड न पाते।
32परन्तु प्रभु हमें दण्ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें।
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