यहेजकेल 32:15

जब मैं मिस्र देश को उजाड़ कर दूंगा और जिस से वह भरपूर है, उस से छूछा कर दूंगा, और जब मैं उसके सब रहनेवालों को मारूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।

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13मैं उसके सब पशुओं को उसके बहुतेरे जलाशयों के तीर पर से नाश करूंगा; और भविष्य में वे न तो मनुष्य के पांव से और न पशुओं के खुरों से गंदले किए जाएंगे।

14तब मैं उनका जल निर्मल कर दूंगा, और उनकी नदियां तेल की नाई बहेंगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

15जब मैं मिस्र देश को उजाड़ कर दूंगा और जिस से वह भरपूर है, उस से छूछा कर दूंगा, और जब मैं उसके सब रहनेवालों को मारूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।

16लोगों के विलाप करने के लिये विलाप का गीत यही है; जाति- जाति की स्त्रियां इसे गाएंगी; मिस्र और उसकी सारी भीड़ के विषय वे यही विलापगीत गाएंगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

17फिर बारहवें वर्ष के पहिले महीने के पन्द्रहवें दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

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