ये सब एक मन होंगे, और वे अपनी अपनी सामर्थ और अधिकार उस पशु को देंगे।
11और जो पशु पहिले था, और अब नहीं, वह आप आठवां है; और उन सातों में से उत्पन्न हुआ, और विनाश में पड़ेगा।
12और जो दस सींग तू ने देखे वे दस राजा हैं; जिन्हों ने अब तक राज्य नहीं पाया; पर उस पशु के साथ घड़ी भर के लिये राजाओं का सा अधिकार पाएंगे।
13ये सब एक मन होंगे, और वे अपनी अपनी सामर्थ और अधिकार उस पशु को देंगे।
14ये मेम्ने से लड़ेंगे, और मेम्ना उन पर जय पाएगा; क्योंकि वह प्रभुओं का प्रभु, और राजाओं का राजा है: और जो बुलाए हुए, और चुने हुए, ओर विश्वासी उसके साथ हैं, वे भी जय पाएंगे।
15फिर उस ने मुझ से कहा, कि जो पानी तू ने देखे, जिन पर वेश्या बैठी है, वे लोग, और भीड़ और जातियां, और भाषा हैं।
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