यशायाह 60:10

परदेशी लोग तेरी शहरपनाह को उठाएंगे, और उनके राजा तेरी सेवा टहल करेंगे; क्योंकि मैं ने क्रोध में आकर तुझे दु:ख दिया था, परन्तु अब तुझ से प्रसन्न होकर तुझ पर दया की है।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 60

8ये कौन हैं जो बादल की नाई और दर्बाओं की ओर उड़ते हुए कबूतरों की नाई चले आते हैं?

9निश्चय द्वीप मेरी ही बाट देखेंगे, पहिले तो तर्शीश के जहाज आएंगे, कि, मेरे पुत्रों को सोने चान्दी समेत तेरे परमेश्वर यहोवा अर्थात् इस्राएल के पवित्रा के नाम के निमित्त दूर से पहुंचाए, क्योंकि उस ने तुझे शोभायमान किया है।।

10परदेशी लोग तेरी शहरपनाह को उठाएंगे, और उनके राजा तेरी सेवा टहल करेंगे; क्योंकि मैं ने क्रोध में आकर तुझे दु:ख दिया था, परन्तु अब तुझ से प्रसन्न होकर तुझ पर दया की है।

11तेरे फाटक सदैव खुले रहेंगे; दिन और रात वे बन्द न किए जाएंगे जिस से अन्यजातियों की धन- सम्पत्ति और उनके राजा बंधुए होकर तेरे पास पहुंचाए जाएं।

12क्योंकि जो जाति और राज्य के लोग तेरी सेवा न करें वे नष्ट हो जाएंगे; हां ऐसी जातियां पूरी रीति से सत्यानाश हो जाएंगी।

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