और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
21पुत्रा न उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्रा कहलाऊं।
22परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; झट अच्छे से अच्छा वस्त्रा निकालकर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
23और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
24क्योंकि मेरा यह पुत्रा मर गया था, फिर जी गया है : खो गय था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।
25परन्तु उसका जेठा पुत्रा खेत में था : और जब वह आते हुए घर के निकट पहुंचा, तो उस ने गाने बजाने और नाचने का शब्द सुना।
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