तुम पृथ्वी पर भोग- विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा; तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन- पोषण करके मोटा ताजा किया।
5तुम पृथ्वी पर भोग- विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा; तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन- पोषण करके मोटा ताजा किया।
6तुम ने धर्मी को दोषी ठहराकर मार डाला; वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता।।
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