यशायाह 3:7

तब वह शपथ खाकर कहेगा, मैं चंगा करनेहारा न हूंगा; क्योंकि मेरे घर में न तो रोटी है और न कपड़े; इसलिये तुम मुझे प्रजा का न्यायी नहीं नियुक्त कर सकोगे।

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5और प्रजा के लागे आपस में एक दूसरे पर, और हर एक अपने पड़ोसी पर अंधेर करेंगे; और जवान वृद्ध जनों से और नीच जन माननीय लोगों से असभ्यता का व्यवहार करेंगे।।

6उस समय जब कोई पुरूष अपने पिता के घर में अपने भाई को पकड़कर कहेगा कि तेरे पास तो वस्त्रा है, आ हमारा न्यायी हो जा और इस उजड़े देश को अपने वश में कर ले;

7तब वह शपथ खाकर कहेगा, मैं चंगा करनेहारा न हूंगा; क्योंकि मेरे घर में न तो रोटी है और न कपड़े; इसलिये तुम मुझे प्रजा का न्यायी नहीं नियुक्त कर सकोगे।

8यरूशलेम तो डगमगाया और यहूदा गिर गया है; क्योंकि उनके वचन औश्र उनके काम यहोवा के विरूद्ध हैं, जो उसकी तेजोमय आंखों के साम्हने बलवा करनेवाले ठहरे हैं।।

9उनका चिहरा भी उनके विरूद्ध साक्षी देता है; वे सदोमियों की नाई अपने आप को आप ही बखानते और नहीं छिपाते हैं। उन पर हाय! क्योंकि उन्हों ने अपनी हानि आप ही की है।

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