अपने पडोसी के साथ वादविवाद एकान्त में करना और पराये का भेद न खोलना;
8झगड़ा करने में जल्दी न करना नहीं तो अन्त में जब तेरा पड़ोसी तेरा मुंह काला करे तब तू क्या कर सकेगा?
9अपने पडोसी के साथ वादविवाद एकान्त में करना और पराये का भेद न खोलना;
10ऐसा न हो कि सुननेवाला तेरी भी निन्दा करे, और तेरा अपवाद बना रहे।।
11जैसे चान्दी की टोकरियों में सोनहले सेब हों वैसे ही ठीक समय पर कहा हुआ वचन होता है।
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