जो मनुष्य यीशु को पकड़े हुए थे, वे उसे ठट्ठों में उड़ाकर पीटने लगे।
62और वह बाहर निकलकर फूट फूट कर रोने लगा।।
63जो मनुष्य यीशु को पकड़े हुए थे, वे उसे ठट्ठों में उड़ाकर पीटने लगे।
64और उस की आंखे ढांपकर उस से पूछा, कि भविष्यद्वाणी करके बता कि तुझे किसने मारा।
65और उन्हों ने बहुत सी और भी निन्दा की बातें उसके विरोध में कहीं।।
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