और भोर को तड़के सब लोग उस की सुनने के लिये मन्दिर में उसके पास आया करते थे।
37और वह दिन को मन्दिर में उपदेश करता था; और रात को बाहर जाकर जैतून नाम पहाड़ पर रहा करता था।
38और भोर को तड़के सब लोग उस की सुनने के लिये मन्दिर में उसके पास आया करते थे।
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