क्या ईश्वर को कोई ज्ञान सिखाएगा? वह तो ऊंचे पद पर रहनेवालों का भी न्याय करता है।
20दुष्ट अपना नाश अपनी ही आंखों से देखे, और सर्वशक्तिमान की जलजलाहट में से आप पी ले।
21क्योंकि जब उसके महीनों की गिनती कट चुकी, तो अपने बादवाले घराने से उसका क्या काम रहा।
22क्या ईश्वर को कोई ज्ञान सिखाएगा? वह तो ऊंचे पद पर रहनेवालों का भी न्याय करता है।
23कोई तो अपने पूरे बल में बड़े चैन और सुख से रहता हुआ मर जाता है।
24उसकी दोहनियां दूध से और उसकी हडि्डयां गूदे से भरी रहती हैं।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें