उसके पत्थ्र नीलमणि का स्थान हैं, और उसी में सोने की धूलि भी है।
5यह भूमि जो है, इस से रोटी तो मिलती है, परन्तु उसके नीचे के स्थान मानो आग से उलट दिए जाते हैं।
6उसके पत्थ्र नीलमणि का स्थान हैं, और उसी में सोने की धूलि भी है।
7उसका मार्ग कोई मांसाहारी पक्षी नहीं जानता, और किसी गिठ्ठ की दृष्टि उस पर नहीं पड़ी।
8उस पर अभिमानी पशुओं ने पांव नहीं धरा, और न उस से होकर कोई सिंह कभी गया है।
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