वह अपने घर को फिर लौट न आएगा, और न अपने स्थान में फिर मिलेगा।
8जो मुझे अब देखता है उसे मैं फिर दिखाई न दूंगा; तेरी आंखें मेरी ओर होंगी परन्तु मैं न मिलूंगा।
9जैसे बादल छटकर लोप हो जाता है, वैसे ही अधोलोक में उतरनेवाला फिर वहां से नहीं लौट सकता;
10वह अपने घर को फिर लौट न आएगा, और न अपने स्थान में फिर मिलेगा।
12क्या मैं समुद्र हूँ, वा मगरमच्छ हूँ, कि तू मुझ पर पहरा बैठाता है?
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